पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

संघर्ष को रचनात्मकता देने वाले अनूठे जॉर्

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >अंतराष्ट्रीय > Print | Share This  

पिता शत्रुघन के निर्णय से खुश हैं सोनाक्षी

पिता शत्रुघन के निर्णय से खुश हैं सोनाक्षी

नई दिल्ली. 30 मार्च 2019.
 

सोनाक्षी

बॉलीवुड अभिनेत्री और शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी सोनाक्षी सिन्हा ने अपने पिता के बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने के फ़ैसले की तारीफ़ की है. सोनाक्षी ने कहा कि उन्हें ये काम बहुत पहले ही कर लेना चाहिए था.

एचटी मीडिया मोस्ट स्टायलिश अवॉर्ड-2019 के मौक़े पर सोनाक्षी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ''ये फ़ैसला मेरे पिता की मर्ज़ी है. मुझे लगता है कि अगर आप मौजूदा हालात से खुश नहीं हैं तो आपको ज़रूर एक बदलाव की ओर जाना चाहिए."

सोनाक्षी ने कहा, ''वह पार्टी के शुरुआत के दौर से ही जुड़े हुए थे. मेरे पिता अटल जी और आडवाणी जी जैसे नेताओं के वक़्त से उस पार्टी का हिस्सा रहे. पार्टी के भीतर उनकी काफ़ी इज़्जत भी है."

"मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस से जुड़ने के बाद वो और भी बेहतर काम कर पाएंगे और उन पर किसी तरह का दबाव नहीं होगा. मुझे लगता है कि उन्होंने ऐसा करने में देर कर दी. उन्हें काफ़ी पहले ही ये फ़ैसला ले लेना चाहिए था.''

गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने ऐलान किया कि वो कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं.

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ तस्वीर ट्वीट कर लिखा, ''बहुत दुख के साथ बीजेपी छोड़ रहा हूं, लेकिन उम्मीद है कि लालू यादव जी और नेहरू-गांधी परिवार के बहुचर्चित नेता के नेतृत्व में सही दिशा में आगे बढ़ रहा हूं. सही मायने में इस परिवार ने देश को बनाया है.''

उन्होंने ट्वीट किया था, "आडवाणी जी की जगह पार्टी अध्यक्ष को दिया जाना किसी भी तरह से ठीक नहीं है. उनकी शख़्सियत और छवि आडवाणी के बराबर नहीं है. ये क़दम जानबूझकर और एक मक़सद के साथ उठाया गया है. और देश की जनता को ये फ़ैसला पसंद नहीं आया है. वह एक पितृपुरुष जैसे हैं. और एक पितृपुरुष के साथ इस तरह के सलूक को कोई स्वीकार नहीं करेगा. मैं आपके लोगों को इसी भाषा में जवाब देने में सक्षम हूं."

उन्होंने लिखा, "न्यूटन का तीसरा नियम याद रखना चाहिए जो बताता है कि हर क्रिया की बराबर और उलटी प्रतिक्रिया होती है. मैं आपको जवाब देने में सक्षम हूं. लेकिन आपने जो आदरणीय यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी जी के साथ किया है, वो आपकी कृतघ्नता को दिखाता है."

बॉलीवुड में अपनी ऐक्टिंग से धाक जमाने के बाद राजनीति में क़दम रखने वाले शत्रुघ्न सिन्हा बीते दो लोकसभा चुनावों से पटना साहिब से चुनाव जीतते आ रहे हैं.

शत्रुघ्न सिन्हा ने साल 2009 में 57 फ़ीसदी वोट और 2014 में 55 फ़ीसदी वोटों के साथ इस सीट पर बीजेपी को जीत दिलाई थी.

बिहार में हुए महागठबंधन में पटना साहिब की सीट कांग्रेस के खाते में आई है और पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी सिन्हा को इस पर टिकट देगी.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in